ये सुबह तुम्हारी चमक से खिल के आई है ।
गुलाबी गालों से तुम्हारी गुलाल खुद को रंगाई है ।
जुल्फें जो बिखरे तुम्हारी हवाओं में फिजाएं भी भीनी भीनी खुशबू लाई है।
तुम्हारी मुस्कुराहट जो खिल उठी चेहरे पे उस रंगत से होली अपनी रंग सजाई हे।
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